हर तरफ महामारी है,
बीमारी है
फिर भी हम तेरे
आभारी है
क्योंकि हम में
अभी भी जीवन जारी है
चारो और परेशानी है
लाचारी है
हस्पताल में बेड की
भारी कमी आरही है
फिर भी हम आभारी है
जीने की ललक जारी है
सांसे की बहुत
आह झाई है
करुण कृंदन से
हवा भारी है
हम तो अब भी आभारी है
हमने जीवन बाकी है
-29/04/2021-
© Deeप्ती
Sahi mein! Stay in gratitude always!
ReplyDeleteYes .. these days we really really understood the value of every moment... Gratitude always.. always
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