सुबह शाम दिल को तड़पाएँ
खट्टी मीठी यादें , कड़क पापड सी
चटपटी बातें दिल को बहलायें
मसालेदार पापड़ी चाट सी
सी सी करती मेरी जिह्वा
नाचे बाजे जैसे कूकर की सीटी
श्रीखंड का है भोग लगाया
दिल को हमने कुछ यूँ बहलाया
~ ०७/०४/२०२० ~
©Copyright Deeप्ती
Humare munh mein paani ka sailab aaya:)
ReplyDelete:)☺
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