बिन तेरे फीकी लागे
चाय की चुसकीयां
बदरगं लागे
फूलों की कलियां
झूले के सूखे झोंके
केश उडाऐं हौले हौले
अखियां तरसें तेरे लिये
आजा साजन जल्दी से
बेजान सी बाहें
करें इतंज़ार तेरा
सूनी सेज सजा़ जा
जुलमी साजन आ जा
©Copyright Deeप्ती
चाय की चुसकीयां
बदरगं लागे
फूलों की कलियां
केश उडाऐं हौले हौले
अखियां तरसें तेरे लिये
आजा साजन जल्दी से
करें इतंज़ार तेरा
सूनी सेज सजा़ जा
जुलमी साजन आ जा
©Copyright Deeप्ती
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