जिंदगी की हसीन भोर
खिलखिलाहटों में कब
बीती कहां खबर
यूं हीं बीते आती
सांछ भी हमारी
मुसकराहटों तले
इक दूजे के सपने
अखियों में बसा
कर लें जीवन पार पथ।
©Copyright Deeप्ती
खिलखिलाहटों में कब
बीती कहां खबर
सांछ भी हमारी
मुसकराहटों तले
अखियों में बसा
कर लें जीवन पार पथ।
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