हटा जहरीले धुएँ का बादल
झाँक रहा नीला गगन ये पागल।
स्वच्छ हवा सँग लहराती पत्तियाँ
मधुरिम कुहक गुंजाती चिरईयाँ।
अनगिनत हीरे जड़ित सी रात
मुस्काते चाँद से करे मीठी बात।
पँछी, पत्ती और जन्तु हरेक
चहुँ ओर छाई खुशहाली अनेक।
~ २९/०३/२०२० ~
©Copyright Deeप्ती
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